अरेराज में संगीत की नई क्रांति: श्री सोमेश्वर नाथ संगीत संस्थान
संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि एक गहरी साधना और जीवन जीने की कला है जिसे अरेराज की पावन धरती पर जीवंत करने का बीड़ा श्री सोमेश्वर नाथ संगीत संस्थान के निदेशक कृष्ण गुप्ता जी ने उठाया है। हाल ही में हमारी टीम ने उनसे एक विशेष मुलाकात की जहाँ उन्होंने संगीत के प्रति अपने अटूट समर्पण और अपने जीवन के संघर्षपूर्ण सफर को साझा किया। बातचीत के दौरान कृष्ण गुप्ता जी ने बड़े ही भावुक शब्दों में कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अरेराज के बच्चों को संगीत की वह शिक्षा उपलब्ध कराना है जिसके लिए उन्हें बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। वे चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों और भारतीय शास्त्रीय संगीत की गरिमा को समझे और समाज में संगीत को वह मान-सम्मान वापस मिले जिसका वह हकदार है। इस संस्थान की सबसे बड़ी खूबी यहाँ का कलात्मक माहौल और उपलब्ध संसाधन हैं जहाँ बच्चों को तबला, हारमोनियम, गिटार, इलेक्ट्रिक कीबोर्ड, सितार और बांसुरी जैसे विभिन्न आधुनिक और पारंपरिक वाद्य यंत्रों को सीखने का अवसर मिलता है। स्वयं कृष्ण गुप्ता जी के कुशल मार्गदर्शन में हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जाती हैं जहाँ संगीत के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को निखारने का प्रयास किया जाता है। वर्तमान में संस्थान में ‘महा-प्रवेश ऑफर’ के तहत नए दाखिले शुरू हो चुके हैं इसलिए यदि आप भी चाहते हैं कि आपका बच्चा कला और संस्कृति के इस पावन प्रवाह से जुड़े और अनुशासित जीवन की ओर कदम बढ़ाए तो श्री सोमेश्वर नाथ संगीत संस्थान से जुड़ना एक बेहतरीन निर्णय होगा। आइए हम सब मिलकर अरेराज में संगीत की इस लौ को और प्रज्वलित करें और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाएं।


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