सीता कुंड धाम का कायाकल्प – चम्पारण को मिलेगी नई पहचान

सीता कुंड धाम का कायाकल्प – चम्पारण को मिलेगी नई पहचान

चकिया स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व से जुड़ा सीता कुंड धाम अब एक नए रूप में विकसित हो रहा है। लगभग ₹12.93 करोड़ की लागत से चल रहा यह पुनर्विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जिसे बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित किया जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत धाम परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक बेहतर और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके।

तालाब का सौंदर्यीकरण – कुंड को आकर्षक एवं स्वच्छ बनाया जा रहा है
दो-लेन सड़क निर्माण – आवागमन होगा और भी सुगम
भव्य कैफेटेरिया – आगंतुकों के लिए बेहतर खान-पान व्यवस्था
कॉटेज निर्माण – ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाएं
दुकानें एवं अन्य सुविधाएं – स्थानीय व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा

आज जिलाधिकारी द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसडीओ चकिया एवं पर्यटन प्रभारी निधि को संयुक्त रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि हर कार्य मानकों के अनुरूप हो। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित इस परियोजना के तहत तालाब का सौंदर्यीकरण, दो-लेन सड़क, भव्य कैफेटेरिया, कॉटेज और दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। आज जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसडीओ चकिया और पर्यटन प्रभारी निधि के साथ संयुक्त रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। 08 दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने वाली यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास के नए द्वार खोलेगी।

इस परियोजना को 08 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही सीता कुंड धाम न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी पूर्वी चम्पारण को एक नई पहचान दिलाएगा।

इस विकास कार्य से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

निश्चित ही यह परियोजना आस्था, पर्यटन और विकास – तीनों का अद्भुत संगम साबित होगी।

सीता कुंड धाम का यह नव रूप, श्रद्धा और आधुनिकता का प्रतीक बने – यही कामना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *